जब आवाज़ें अनसुनी रह जाती हैं: एक साल से गौशाला निर्माण का सपना और आपका एक सहयोग
जिस प्रकार समाज में कई महत्वपूर्ण आवाज़ें अपनी बात लोगों तक पहुँचाने के लिए संघर्ष करती हैं, उसी तरह हमारी गौशाला निर्माण की अपील भी अभी तक पर्याप्त लोगों तक नहीं पहुँच पाई है। आइए, बेसहारा गौ माताओं के लिए एक सुरक्षित आश्रय बनाने में सहयोग करें। हर आवाज़ का सुना जाना ज़रूरी है जब कोई व्यक्ति अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखने के लिए लंबे समय तक संघर्ष करता है, तो वह केवल अपनी नहीं, बल्कि उन तमाम लोगों की आवाज़ भी बन जाता है जिन्हें लगता है कि उनकी बात अभी तक पूरी तरह नहीं सुनी गई। हाल के दिनों में सोनम वांगचुक के अनशन की चर्चा पूरे देश में हुई। इसने हमें भी अपने सफर की याद दिलाई। हम किसी आंदोलन का हिस्सा नहीं हैं। हम केवल एक छोटे से सामाजिक संगठन के रूप में एक सपना लेकर आगे बढ़ रहे हैं— बेसहारा, घायल और भूखी गौ माताओं के लिए एक सुरक्षित गौशाला का निर्माण। लेकिन कभी-कभी ऐसा महसूस होता है कि हमारी यह पुकार भी अभी तक बहुत कम लोगों तक पहुँच पाई है। हमारा एक साल का सफर SHRIRADHEYSHYAM NANDI GAUSHALA FOUNDATION की स्थापना एक उद्देश्य के साथ हुई थी— सड़कों पर घायल गौ माताओं की सहायता बेसहारा ...